सफलता धार है सागर की, किनारों से इक दिन टकराएगी !!! सफलता धार है सागर की, किनारों से इक दिन टकराएगी !!!
समय बीत जाता है , तुम भी बीत जाओगे , समय के साथ रह जायेंगे केवल देवो के देव महादेव! समय बीत जाता है , तुम भी बीत जाओगे , समय के साथ रह जायेंगे केवल देवो के देव म...
तोड़ आलस की दीवार , खुली आँखों से देख स्वपन। तोड़ आलस की दीवार , खुली आँखों से देख स्वपन।
करनी अपनी देख देख, अब, रावण तिल- तिल हो मरता है। करनी अपनी देख देख, अब, रावण तिल- तिल हो मरता है।
फिर से नम आँखें ,दो रोटी की मोहताज , एक हाथ में कलम ,दूजे हाथ में कई राज़। फिर से नम आँखें ,दो रोटी की मोहताज , एक हाथ में कलम ,दूजे हाथ में कई राज़।
खुद का महत्व समझा के दौड़ती रहती हैं। खुद का महत्व समझा के दौड़ती रहती हैं।